हमेशा के लिए बेशुमार : मां काप्यार
मातृत्व कोई रिश्ता नहीं है मातृत्व कोई तजुर्बा भी नहीं है यहां तक कि यह कोई प्यार का साकार रूप भी नहीं है मातृत्व अपने बच्चों की कामयाबी, उपलब्धि, बदलाव और यहां तक कि उनकी परेशानियों संग जीने का एक खास एहसास है। और साथ ही यह महज इंसानों तक सीमित नहीं है। मातृत्व एक ऐसा एहसास है जो पूरी दुनिया के तौर पर और पूरी दुनिया भर में काम करता है। एक मां ही वह शख्स है जो हरदम यानी 24*7 काम करती है और बदले में कभी भी कुछ नहीं मांगती। क्या आपने कभी सोचा है कि वह कितनी ताकतवर है। उसकी ताकत आपमें छिपी है। एक मां के लिए, उसके बच्चे के चेहरे की मुस्कान ही उसकी पूरी दुनिया है। वह बिना किसी शर्त के प्यार करती है। एक मां ही वह शख्स है जो यह देखकर कि चार लोगों के लिए महज तीन पकवान हैं, फटाफट यह कह देती है कि उसके दांत में दर्द है और वह बिल्कुल भी मीठा नहीं खा सकती। खुद को कोई भी मां-बाप कहलवा सकता है मगर सिर्फ एक मां ही, खुद की जरूरतों व चाहतों से भी ऊपर अपने बच्चों को रखती है। एक मां ही वह शख्स है जो अपने बच्चों का झूठा भोजन जोकि पहले से ही चबाया हुआ है, खाकर अपना पेट भर लेती है।...